This Blog is dedicated to the Lotus Feet of my Spiritual Master - Jagadguru Shri Kripaluji Maharaj, who is the Descension of the Bliss of Divine Love, who is illuminating the entire world with light of His Vedic and Yogic knowledge of our Scriptures. Jai Shree Radhey!!!
Tuesday, June 10, 2014
मैं
आप लोगो से फिर से निवेदन करता हूँ,आज्ञा देता हूँ कि खाली समय का सदुपयोग
करें,काम में ले,कुछ कमा ले,'राधे' नाम का जाप करें। मेरी बात पर विश्वास
करके अगर दस दिन कर लिया तो आदत पड़ जायेगी,फिर 'राधे' जाप के बिना रहा नहीं
जायेगा। कुछ दिन जबरदस्ती किसी चीज का अभ्यास कर लो,फिर आदत पड़ जाती
है,अपना खाली समय काम में लो।
...........श्री महाराज जी।
...........श्री महाराज जी।
Monday, June 9, 2014
राधे-राधे बोल नित,करु राधे को ध्यान।
ऐहैं निज गोलोक तजि,भाजत श्याम सुजान।।
निरंतर श्री राधिका का ध्यान करते हुए उनका नामादि संकीर्तन करो। इसी साधना से श्यामसुंदर बिना बुलाये भागे भागे अपना लोक छोड़कर आ जायेंगे। राधे नाम से श्यामसुंदर को इतना अनुराग है।
ऐहैं निज गोलोक तजि,भाजत श्याम सुजान।।
निरंतर श्री राधिका का ध्यान करते हुए उनका नामादि संकीर्तन करो। इसी साधना से श्यामसुंदर बिना बुलाये भागे भागे अपना लोक छोड़कर आ जायेंगे। राधे नाम से श्यामसुंदर को इतना अनुराग है।
Constantly meditate on Shri Radha while chanting her name and
glories.With this very spiritual practice,Lord Krishna will come running
to you leaving his divine abode Goloka.Shyamsundar loves the name of
Radha so much.
'भक्ति शतक' दोहा संख्या ८०.........जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज।
'भक्ति शतक' दोहा संख्या ८०.........जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज।
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