Monday, August 29, 2011

THE CONSEQUENCES OF LOVE AND HATRED IN THE MATERIAL WORLD ARE THE SAME;THEREFORE,TRUE DETACHMENT CAN BE ATTAINED ONLY BY BEING NEUTRAL.------SHREE KRIPALUJI MAHAPRABHU.

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...