Sunday, August 28, 2011

THE PERFECTION OF SPIRITUAL LIFE IS TO PERCEIVE SHRI KRISHNA IN ALL OBJECTS OF THE WORLD-ANIMATE AS WELL AS INANIMATE.-----JAGADGURU SHRI KRIPALUJI MAHARAJ.

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...