Saturday, September 3, 2011

जीवन में जितना ही अधिक सिंपल रहोगे उतने ही शांत रहोगे . सिंपल रहकर अगर तुम आधा घंटा भी साधना करोगे तो भगवान में मन अधिक लगेगा. सदेव यह सोचो की तुम्हारे गुरु तो तुम्हे सिंपल रहते देखने में ही प्रसनता होती है.
- JAGADGURU SHREE KRIPALUJI MAHARAJ.

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...