Wednesday, January 9, 2013




साधक का प्रश्न: महाराजजी हम आपको भगवान मानते हैं! ?

श्री महाराजजी द्वारा उत्तर: अरे! तुम पत्थर को भगवान मान लो उससे ही भगवतप्राप्ति हो जायेगी। काहे को परेशान हो रहे हो। सालिग्राम कैसे होते हैं? काला पत्थर होता है। अत: अंत:करण शुद्धि करो बस उसके बाद सब अपने आप ठीक हो जायेगा।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...