Thursday, January 17, 2013



विपरीत वातावरण मिलने पर भी अन्त:करण विपरीत वातावरण से प्रभावित न हो वो साधक है।
.........श्री महाराजजी।

No comments:

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...