Wednesday, January 9, 2013


*राधे राधे*
ऐसा करके दिखा दो कि एक भी शिकायत न मिलें!उससे खुशी के मारे हमारा एक किलो खून बढ़ जायेगा!नुकसान तुम लोगो का होता है और ममता से दुःख हमें होता है!इतनी सारी भग्वत्कृपाये तुम लोगों पर हैं!अब और क्या कृपा चाहते हो?
*****  श्री कृपालु जी महाराज *****

No comments:

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...