Friday, March 1, 2013

व्यवहार उतना मीठा और एक्टिंग में हो कि संसार वाले सदैव खुश रहें और तुम ऊपरी चिंताओं से बचे रहो , कम से कम बोलना चाहिये।
:::::::::::जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज::::::::::
व्यवहार उतना मीठा और एक्टिंग में हो कि संसार वाले सदैव खुश रहें और तुम ऊपरी चिंताओं से बचे रहो , कम से कम बोलना चाहिये। 
:::::::::::जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज::::::::::

 
 

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

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