Saturday, March 2, 2013

एइ कृपालु प्रभु मनगढ वारे, ब्रज के राधे श्याम रे।
एइ कृपालु प्रभु भजने वारे, जायें हरि के धाम रे।
श्यामा श्याम रूप हो कर भी टेरत श्यामा श्याम रे।
धनि कृपालु धनि उन परिजन, धनि-धनि मनगढ ग्राम रे।
एइ कृपालु प्रभु रोम रोम ते,निकसत हरि को नाम रे।
एइ कृपालु प्रभु मनगढ वारे, ब्रज के राधे श्याम रे।
एइ कृपालु प्रभु भजने वारे, जायें हरि के धाम रे। 
श्यामा श्याम रूप हो कर भी टेरत श्यामा श्याम रे। 
धनि कृपालु धनि उन परिजन, धनि-धनि मनगढ ग्राम रे।
एइ कृपालु प्रभु रोम रोम ते,निकसत हरि को नाम रे।

 
 
 

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