Monday, April 8, 2013

श्यामा श्याम निरन्तर गुरु के अन्दर बाहर सन्निहित हैं इस कारण गुरु धाम ही हरि धाम है।
---श्री महाराज जी।
श्यामा श्याम निरन्तर गुरु के अन्दर बाहर सन्निहित हैं इस कारण गुरु धाम ही हरि धाम है।
---श्री महाराज जी।

 

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

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