Thursday, June 20, 2013

जिस महापुरुष के सानिध्य में हृदय में भगवत प्रेम बढ़ने लगे एवं हृदय पिघलने लगे समझो की वह वास्तविक महापुरुष है।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...