Saturday, June 15, 2013

Rupdhyan is the only means to restrain the fickle mind.
चंचल मन को टिकाने का, रुपध्यान ही एकमात्र साधन है।
---SHRI MAHARAJ JI.

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...