Tuesday, March 25, 2014

अपनापन रखना मेरे घनश्याम।
Apanapan rakhna mere ghanshyam.

O my Shyam! Please consider me as your own.
......SHRI MAHARAJ JI.

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...