Wednesday, March 19, 2014

संसार वाले बाहरी चीजे देखते हैं, और महापुरुष और भगवान भीतर (आंतरिक) चीजे देखते हैं।
------श्री महाराजजी।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...