Saturday, September 27, 2014

वे हमें अपना बनावें चाहे न बनावें, इसकी हमें चिन्ता नहीं ।
हम सदा उन्हें अपना बनाए रहेंगे बस यही निश्चय रहे ।

------जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाप्रभु।

No comments:

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...