Sunday, September 14, 2014

"भक्तियोग-रस-अवतार अभिराम,करें निगमागम समनव्य ललाम।
श्यामा-श्याम नाम,रूप,लीला,गुण,धाम, बांटि रहे प्रेम निष्काम बिनु दाम।"

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...