Wednesday, October 3, 2018


#गुरु की #सेवा #भगवान् की सेवा से बड़ी मानी गई है, हर #ग्रन्थ,हर #शास्त्र में । सेवा तो बहुत #बड़ी #चीज़ है । लेकिन सेवा करने वाले को ये ध्यान रखना चाहिये कि वो सेवा #मनसे हो । हमको ये सेवा मिली है #सौभाग्य से..ये #फीलिंग होते हुये।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...