Sunday, October 21, 2018

मै जीव हूँ और मेरा सुख ताे राम में है। केवल निश्चय की बात है। ताे संपूर्ण विश्व धाेखा है। यहाँ आत्मा का सुख है ही नहीं, क्याें सिर पटकते हाे।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...