Wednesday, October 3, 2018

अलबेली मम सरकार , जो महाभाव साकार।
जेहि सेवत नंदकुमार , जेहि महिमा अपरंपार ।।
तनु दिव्य गौर सरकार , बह रोम रोम रस धार ।
रस पियत सबै ब्रजनार , जेहि छवि लखि छवि बलिहार।।
सब जग भज नंदकुमार , सोइ भज स्वामिनी सुकुमार ।
पग चापत जेहि रिझवार , सोइ मम 'कृपालु' सरकार ।।

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