Friday, May 17, 2013

हरि और गुरु दोनों शुद्ध तत्व हैं। यदि जीव का अशुद्ध मन हरि एवं गुरु में लग जाता है तब हरि और गुरु के प्रेम में रंग कर वह शुद्ध बन जाता है।
-----जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज.
हरि और गुरु दोनों शुद्ध तत्व हैं। यदि जीव का अशुद्ध मन हरि एवं गुरु में लग जाता है तब हरि और गुरु के प्रेम में रंग कर वह शुद्ध बन जाता है।
-----जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज.



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