Monday, May 20, 2013

साधक को एक क्षण का भी कुसंग उसे गिरा देने में पूर्ण समर्थ है।
.......श्री महाराजजी।
साधक को एक क्षण का भी कुसंग उसे गिरा देने में पूर्ण समर्थ है।
.......श्री महाराजजी।


 


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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...