Friday, May 24, 2013

जैसे संसार की बातें सोचते-सोचते व्यक्ति बड़ा संसारी बन जाता है,वैसे ही ईश्वर की बातें उनका चिंतन करने से उनके बारे में बार-बार सोचने से ईश्वर का भक्त बन सकता है।
जैसे संसार की बातें सोचते-सोचते व्यक्ति बड़ा संसारी बन जाता है,वैसे ही ईश्वर की बातें उनका चिंतन करने से उनके बारे में बार-बार सोचने से ईश्वर का भक्त बन सकता है।

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