Wednesday, June 5, 2013

छोटी-छोटी गलती,छोटी-छोटी गुरु आज्ञाओं के प्रति लापरवाही,एक दिन जीव को पतन के द्वार पर खड़ा कर देती है। गुरु आज्ञा उल्लंघन करके सेवा करना भी नामापराध है।
------श्री कृपालुजी महाप्रभु।
छोटी-छोटी गलती,छोटी-छोटी गुरु आज्ञाओं के प्रति लापरवाही,एक दिन जीव को पतन के द्वार पर खड़ा कर देती है। गुरु आज्ञा उल्लंघन करके सेवा करना भी नामापराध है।
------श्री कृपालुजी महाप्रभु।

No comments:

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...