Saturday, August 24, 2013

भगवान् और गुरु वैसे ही एक हैं जैसे पिता तथा माता का पति ! बोलने में अलग अलग शब्द हैं लेकिन अर्थ एक ही है !
--------जगद्गुरुत्तम श्री कृपालु महाप्रभु जी.

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

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