Monday, August 19, 2013

आज नहीं कल कर लेंगे। बस ये कर लें,बस वो कर लें,फिर भजन करेंगे। इस प्रकार अनंत जन्म गँवा दिये लेकिन वह आज और कल न आ सका।
.......श्री महाराजजी।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...