Saturday, August 24, 2013

भूल कर भी कभी महापुरुष एवं भगवान् के विरुद्ध न सोचो , अन्यथा नामापराध हो जायेगा।
*******श्री महाराज जी ********

No comments:

मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...