Sunday, August 11, 2013

तुम दीनन रखवार हम, अहंकार अवतार.....
अस करू कृपा "कृपालु" अब दीन बनू सरकार...........

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...