Thursday, May 15, 2014

जिस कर्म से श्रीकृष्ण की सेवा हो एवं जिस ज्ञान से श्री कृष्ण प्रेम बढ़े ! वही कर्म है एवं वही सही ज्ञान है।
:::::::::::जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...