Wednesday, May 7, 2014

One should not harbour resentment even towards someone who is actually condemnable, because God resides even in his heart.
निन्दनीय के प्रती भी दुर्भावना न होने पाये क्योंकि उसके हृदय में भी तो श्रीकृष्ण हैं।
.......SHRI MAHARAJ JI.

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...