Sunday, August 3, 2014

कृपा को पाने के लिए साधना करनी होती है, कीर्तन करो, आँसू बहाओ, रूपध्यान करो,षमा याचना करो अपने पापों की, इससे मन शुद्ध होगा।
..........श्री महाराज जी।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...