Monday, August 11, 2014

तेरे हाथ से.....मेरे हाथ तक..... वो जो हाथ भर का था फ़ासला............!
उसे नापते.......उसे काटते.......मेरे अनंत जन्म गुज़र गये........!!
राधे-राधे।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...