Monday, August 11, 2014

मैंने तो सदा को तुमको अपना बना लिया है, अब तुमको मुझसे अपनापन बढ़ाना है।
I have made you Mine Forever, now it's your turn to Increase your Belongingness and Love for Me.
-----श्री 'कृपालु' गुरुवर (जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज)।

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मन का अटैचमेंट किसमें करें?

एक तमोगुणी, एक रजोगुणी, एक सत्त्वगुणी, एक गुणातीत । ये चार पर्सनैलिटी, चार कक्षाएँ हैं। अगर हमने अपने मन का अटैचमेन्ट तामसी व्यक्ति या तामसी...